पीढ़ी-दर-पीढ़ी अपने पूर्वजों के नाम, उनकी स्मृति और कुल-परंपरा को जीवित रखें। तीर्थ पुरोहित (हरिद्वार, काशी, गया जी, प्रयागराज) बही-खाता एवं अखिल भारतीय राजस्व वंशावली (प्रपत्र ३-१) के अनुसार डिजिटल वंशावली तैयार करें और एक क्लिक में अधिकृत PDF प्राप्त करें।
हमारा अस्तित्व हमारे पूर्वजों के त्याग, परिश्रम और संजोए गए मूल्यों की देन है। वंशावली केवल नामों की सूची नहीं, बल्कि हमारे कुल की प्रतिष्ठा का दर्पण है।
मूल पूर्वज से लेकर आज तक की प्रत्येक पीढ़ी का गोत्र, उपनाम और गांव-मौजा का रिकॉर्ड संजोएं, जिससे भविष्य की संतानों को अपनी जड़ों पर गर्व हो।
स्वर्गवासी पूर्वजों के नाम के आगे "स्व." सम्मानसूचक शब्द, उनके जन्म-मृत्यु वर्ष, उनकी जीवन यात्रा और कुल में उनके योगदान का स्थायी अभिलेख।
स्पष्ट और सर्वसम्मत वंशावली रहने से परिवार में आपसी विवाद नहीं होते और हर वारिस को उसका न्यायपूर्ण पारिवारिक व सामाजिक मान प्राप्त होता है।
हरिद्वार, काशी/वाराणसी, गया जी, प्रयागराज आदि तीर्थों में पुरोहित समाज द्वारा संधारित प्राचीन पोथी-बही तथा किसी भी राज्य के विशेष भूमि बंदोबस्त में रैयतों की वंशावली को १ सेकंड में खोजें और सीधे कानूनी प्रपत्र ३(१) प्रारूप में डाउनलोड करें।
राजस्व, भूमि चकबंदी एवं बंदोबस्त विभाग द्वारा मान्य
मूल पूर्वज एवं वंशावली क्रम:
स्व. पं. रामेश्वर शर्मा ➔ दिनेश शर्मा ➔ रोहित शर्मा (आवेदक)
खाता: ४५ • खेसरा: २१० • रकबा: ६.५ एकड़कठिन कागजी कार्यवाही को भूल जाइए। किसी भी दिशा में ट्री बढ़ाएं, ज़ूम करें और आसानी से स्क्रॉल करें।
किसी भी सदस्य को जोड़ते समय चुनें कि वह किसी के माता/पिता (पूर्वज) हैं या किसी की संतान हैं। ट्री स्वतः अपनी शाखाएं पुनर्गठित कर लेता है।
चाहे वंशावली में ५ पीढ़ियां हों या ५०, विशाल कैनवास पर Horizontal और Vertical दोनों स्क्रोलर और सेंटर व्यू बटन से सहजता से घूमें।
आपकी पारिवारिक व भूमि जानकारी केवल आपके लिए सुरक्षित है। पासवर्ड सुरक्षा, प्रमाणीकरण एवं पासवर्ड रीसेट सुविधा के साथ।
अपने ईमेल और पासवर्ड से निशुल्क पंजीकरण करें या सीधे लॉगिन कर अपने डैशबोर्ड में पहुंचें।
स्वयं से, अपने पिता से या किसी भी ज्ञात पूर्वज से प्रारंभ करें। आगे, पीछे या पार्श्व में परिवार के सदस्यों को जोड़ें।
सर्वेक्षण एवं पारिवारिक रिकॉर्ड हेतु उच्च-गुणवत्ता 300 DPI Legal Landscape PDF एक क्लिक में डाउनलोड करें।